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Showing posts from January, 2022

पहला इम्तिहान

1. वो शख्श दुनिया की तमाम उन किताबों को पढ़ता नहीं पढ़ाता है जिन में ज़िन्दगी के कामयाब होने के रास्ते लिखे हैं मगर अंदर से उसका दिल जानता है कि दुनिया का नाकामयाब तरीन शख्श है। 2. ज़िन्दगी का पहला इम्तिहान हारे हुए लोग जिनके दिलों के बीचों बीच एक स्याह नुक्ता है जिसके रिसने वाला ज़हर उनकी पूरी हस्ती को मुसलसल मायूसी और अंधेरो में झोंकता रहता है। पहला इम्तिहान माँ बाप थे जिनकी नाफ़मानी आज एक अजदाह बनकर दिल को लपेटे बैठी है और एक लम्हा ऐसा नही जो ये अजदाह डंक ना मारती हो। 3. दुनियां में जिस हस्ती को ज़बान के सबसे ज़्यादा मिठास की ज़रूरत थी उसी को धमकाया गया, ककड़ कर बोला गया, उसकी तीर की तरह चुभने वाली बाते कही गयी। हर वो काम किया गया जिससे उसके लिए को ठेस पंहुचे। माँ को सबसे ज़्यादा नरमी की ज़रूरत थी और उसके दिल को अपनी नाकामियों की झलें उतारने का मक़ाम बना कर रख दिया गया। 4. बाप की ख्वाहिश थी कि फरमाबरदार बेटा होता तो पचपन से जैसे नशा हो हर उस काम कल करने का जिसको ना करने का बाप ने हुक्म दिया हो और हर वो काम को ना करना जिसको बाप ने करने के लिए कहा हो। ऐसा लगता है कि ज़िंदगी का पहला हिस्सा बाप को मा...

मेहनत कश तबके की ज़िंदगी

यूं तो दुनियां अलग अलग किस्मों केआदमियों से भरी हुई है। इसलिए यहाँ तबके पाये जाते है। इस तबके के कुछ रोचक और वास्तविक पहलू इस तरह हैं। 1. इनकी ज़िंदगी मे सबसे बड़ा धर्म काम करना है और सबसे बड़ा गुनाह काम ना करना। 2. इनको काम करने के बाद अपने काम के बदले मिलने वाले रुपयों का इंतजार करना। रुपये मिलने पर खुशी की लहर दौड़ जाना और ना मिलने पर मायूसी और ज़्यादा शिद्दत से रुपयों का इंतजार करना । 3.इनको फ़लसफ़े ज़्यादा छू नही पाते और ना ये लोग बहुत ज़्यादा गहराई से सोच सकते है क्योंकि इनको अपना काम पूरे ध्यान से करना होता है। 4. इनको विरासत में सिर्फ सर ढकने को छत और मामूली रुपये मिल जाते है या कभी कभी वो भी नहीं। 5. इनको जल्दी से रुपये और इज़्ज़त कमाने की लालसा तो होती है मगर मेहनत करके कमाने की इतनी ज़्यादा आदत पड़ चुकी होती है कि अगर कही कोई शार्ट कट मिल भी जाये तो शक की निगाह से देखते हैं। अगर कहीं लालच में आकर कुछ रुपया कही इन्वेस्ट भी कर देते हैं तो वो अक्सर डूब ही जाता है। 6. पूरी ज़िंदगी इस आस में गुज़ार देते हैं कि हमारी औलाद को हमारी तरह मेहनत ना करनी पड़ जाए मगर साथ साथ बचपन से अपने बच्...