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Showing posts from 2019

इंग्लिश के इन वर्ड्स का प्रयोग आपको बेवकूफ बनाने के लिए किया जाता है

इंग्लिश हो या कोई और भाषा आदमी सीखता है अपने रोज़गार, कैरियर को आगे बढ़ाने के लिए। क़ाबिल आदमी ज़रूरत पड़ने पर अगर इंग्लिश बोलेगा तो उसका स्त्रोत क्या होगा ? सीधी सी बात है वो किताबें जो उसने अपने अकादमिक करियर में पढ़ी होंगी। अगर इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ , आर्ट्स आदि के भारी भरकम कोर्स करने के बाद भी आपको इंग्लिश बोलने के लिए ट्रेनिंग की ज़रूरत पैड रही है तो वजह हैं वो नाक़ाबिल और बकवास लोग जो नाक़ाबिल होते हुए भी थोड़े से छिछोरेपन और इंग्लिश से कुछ शब्दों को निकालकर उनका गलत प्रसंग में इस्तेमाल करते हैं। अब ये बीमारी अपनी जगह बना चुकी है। इसलिए आप घबराइए और डरिये नही। यक़ीन मानिए कॉर्पोरेट की पैदा करदा इस इंग्लिश से आप जैसे पढ़े लिखे को संकुचित होने की ज़रूरत नही। बस आप बोलिये और सबसे अच्छा आप ही बोलेंगे। इन कॉरपोरेट के छिछोरों के सामने आपको लज्जिज होने की ज़रूरत नही। ये लोग जानबूझकर इंग्लिश को इन शब्दों के प्रयोग से मुश्किल बनाते है। जिनका प्रयोग खुद अपने आप मे गलत है। नीचे लिखे शब्दो को गौर से पढ़िए। फिर किसी भी शब्द पर क्लिक कर दीजिए। सारा झोल खुलकर सामने आ जायेगा।  1. Literally 2. Irony 3. I...

वरना ज़िन्दगी वक़्त से पहले खत्म हो जाएगी

/*कहानी है कहानी की तरह पढ़िए। इससे मेसेज लेने की कोशिश करना।*/ 1947 पार्टीशन का वक़्त है। एक मुल्क के दो हिस्से हो रहे है। लोग एक हिस्से से दूसरे में अपनी जानें बचा बचा कर भाग रहे हैं। दंगाइयों की लापरवाहियों से एक ट्रेन ज़िन्दा बच कर आ गयी। वर्ना लौटकर सिर्फ ड्राइवर ही आता है और लाशों से भरी ट्रैन।  जो ट्रैन बच गयी। उसमे लोग खचाखच भरे है। ट्रैन चलने ही वाली थी कि एक प्रग्नेंट औरत बोझभरी चाल से ट्रैन की तरफ चली आ रही थी। लोगों ने बड़ी मुशक़्क़तों से उसे ट्रैन के डिब्बे की छत पर चढ़ा दिया। ट्रैन चली, चिनाब दरिया आने से एक घंटे पहले ही उसने ट्रैन के डब्बे की छत पर ही दो बच्चों को जन्म दिया। एक ज़िन्दा दूसरा मरा हुआ। वो दोनों को अपने सीने से चिमटाए बैठी रही। आस पास की भीड़ उसे कहने लगी कि मरे हुए बच्चे को चिनाब दरिया में फेंक दो। इसका सबसे अच्छा अंतिम संस्कार होगा। उसने रोते हुए कहा कि इसे नौ महीने पेट मे रखा, कुछ देर तो सीने से लगाने दो। लोग नहीं माने और एक बच्चा चिनाब आते ही छीन लिया। जैसे ही ट्रेन चिनाब के ऊपर से गुजरी, उस औरत के लाख चिल्लाने चीखने पर किसी ने उसकी नहीं सुनी। और बच्चे को चि...

परपीडकों से कैसे बचें ? (Live life, anti depression content)

दुखीराम! परपीड़क कौन होते है ? तुम्हारा प्रश्न बिल्कुल सही है। क्योंकि तुम्हारी हिंदी में तो तुम्हारे मोडल पेपर से की गई पढ़ाई सालों पहले आग लगा ही चुकी है। तो फिर तुम्हे कैस...

ज़िन्दगी का गणित (Anti Depression Post)

तुम खुद को समझते क्या हो ? क्या तुम्हें हिसाब किताब के लिए बनाया गया है या हिसाब किताब को तुम्हारे लिए। तुम कोई भी घटना घटित ही नहीं होने दे रहे। तुम्हारा दिमाग में कुछ भी होन...