एक दिन में गीता अध्ययन कर रहा था। मेरे मन में पूछा,"क्या कृष्ण को जाना जा सकता है ? कोई माध्यम कोई अनुसन्धान क्या मुझे कृष्ण तक ले जा सकता है?" कृष्ण को जानने के सारे प्रयत्न विफल प्रतीत हुए तो मैने इस बात को समझ लिया कि कृषणजाने नहीं जा सकते। कृष्ण जानने का विषय नहीं हो सकते। अंतरात्मा से नई सोच का उदगम हुआ। मन ने कहा "कृष्ण को पाया जा सकता है जाना नही जा सकता " क्या कृष्ण राधा के कृष्ण है जो प्रेम की उत्कृष्ट गाथा को बुनते दिखाई पड़ते हैं या चमत्कारी कृष्ण जो राक्षसों का नाश कर देते है या वो कृष्ण जो अर्जुन के माध्यम से पूरे संसार को गीता जैसा अद्भुत ज्ञान देते है। अक्सर पढ़ने वाले समझ बैठते हैं कि गीता को पढ़ लेने से उन्हें कृष्ण की अनुभूति हो जाती है। जिस ने गीता पढ़ी है वो कुछ बिंदुओं पर ध्यान दें 1. गीता मनुष्य को अपने, अपने जीवन,अपनी आत्मा, सम्बंध, पूरे जीवन चक्र के हर बिन्दु के अनसुलझे प्रश्नों का पूर्ण हल देती है। 2. मनुष्य के सामने जीवन का सबसे बड़ा प्रश्नः परमात्मा से उसके सम्बन्ध का है जिसे गीता में कृष्ण बहुत ही आसानी से हल करते हैं। जब अर्जुन ...