मेहनत एक अमल है। जिस तरह दुनियां मेहनत का एक नतीजा मुक़र्रर है। नतीजा इस बात पर निर्भर नहीं करता कि मेहनत कितनी की गई है। बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि किस दिशा में की गई है। आपकी मेहनत का नतीजा आपके फेवर में भी जा सकता है और आपके खिलाफ भी। दुनियां में एक मेहनत जो सबसे लंबी है उसे हर इंसान करता है बल्कि कहा जाए कि ज़िन्दगी में मेहनत ही एक करता है औऱ वो है बच्चों को पालने की मेहनत। मगर लाखों में एक ही आदमी होता है जिसकी ये मेहनत रंग लाती है। वर्ना लोग आपको इसी अफसोस में रोते बिलखते हुए अफसोस से भरे हुए मिलेंगे की उनके बच्चे उनकी कद्र नही करते जबकि उन्होंने पूरी ज़िंदगी खुद को झुलसा कर उन बच्चों की परवरिश में लगा दी और अब वो बची है शिकायतें और अफसोस।
अगर आप अपने बच्चों को इन अफसोस भरे वक़्तों से होकर गुजरता नही देखना चाहते है तो नीचे लिखे इन बिंदुओं पर गौर करें।
1. बच्चों को वक़्त दें
आप अगर अपने बच्चों को वक़्त नहीं देंगे तो वो किसी और से वक़्त मांगेंगे। इस बात के ज़्यादा चांस है कि बच्चा आप के अलावा जहां भी गुज़रेगा वहां से वो या नुकसान उठाकर लाएगा या बेकार की बात। क्योंकि आपके चारों तरफ किन लोगों से ये ज़माना भर पड़ा है बताने की ज़रूरत नही। आप अपने बच्चे से ज़्यादा तजुर्बेकार इंसान है। आपने ज़माने से जो कुछ सही सीखा है उसे उनके सामने बयान कीजिये। उनकी साथ खेलिए। इससे वो हमेशा सेफ जोन में रहेंगे। एक बार कुछ शुरुआती दौर में ऐसा कर लीजिए। बाक़ी ज़िन्दगी वो आपको नही छोड़ेंगे।
2. बच्चो के सामने किसी की बुराई ना करें
इस दुनियां में कोई ऐसा इंसान नही जिसका किसी से विवाद ना हो। अगर आपको लोगों की कोई बात गलत लागती हो तो उसे बच्चों के सामने सैद्धान्तिक भाषा और व्यापक संदर्भ में कहिये। गलत सही का एक सिद्दांत जिससे उनकी सही गलत करने की पहचान करने काबिलियत में वृद्धि हो। ना कि किसी के लिए नफरत।
3. अपने गलत कामों पर अंकुश लगाइये
वो काम जो आप अपने बच्चों के लिए गलत समझते है और चाहते हैं कि बच्चे वो काम ना करें पहले आप उनसे रुकें। माता पिता बच्चे लिए सनद का काम करते हैं। झूठ बोलना इंसानो में आम बुराई है जो इतनी दृढ़ हो जाती है। जब आप बच्चों के सामने झूठ बोलते है तो उनके लिए भी झूठ बोलना आसान हो जाता है। अब उनको झूठ बोलने में ज़्यादा मानसिक संघर्ष का सामना नहीं करना पड़ता। फट से झूठ बोल देते हैं। विरासत में आपकी दी गई ये बुराई फिर आपके बच्चों का ज़िन्दगी भर पीछा नही छोड़ती। बच्चों के सामने गाली गलौच करना, सिगरेट पीना, गुटका खाना, शराब पीना मुँह फाड़कर हँसना जैसी सभी आदतों पर आपको अंकुश ही लगाना पड़ेगा।
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