डिप्रेशन इंसान ज़िन्दगी को ऐसी जगह ले जाकर छोड़ देता है जहाँ ना इंसान जी पाता है, बनावटी हँसी और खुशी के साथ एक घाव लगे दिल के साथ उम्र गुज़ारने को मजबूर होता है। कोई उत्साह उमंग या तो होती ही नहीं या फिर बस पास से होकर गुज़र जाती है। डिप्रेशन या एंग्जायटी का बीमार दुनियां में सिर्फ बुरा वक्त गुज़रता है। जी नहीं पाता।
आदमी स्वस्थ दिखाई देता है मगर कोई नही जान सकता कि अवसाद का मरीज़ किन हालात से गुज़रता है।
रात रात भर फ़ोन के बहाने जागना। बिना वजह बेकार की वीडियो देख कर वक़्त गुज़रते रहना। जब तक दिमाग़ और आँखें जवाब ना दे जाएं तब तक फ़ोन चलाना। फिर बहुत देर से सोना।
सुबह बगैर किसी ऊर्जा के उठना। दिल पर काले साये के साथ उठना। कोई उमंग कोई उत्साह का ना होना।
घर या काम की जगह बहुत ज़्यादा गुस्सा आना फिर घर या काम वालों को बहुत कुछ कह सुन देना। फिर पछताना।
ज़िन्दगी के किसी नए काम को करने से पहले उत्साह के बजाए मायूसी और नकारात्मकता होना।
बैठे बैठे सोचने की बीमारी का होना।
महफ़िल में बैठे हों तो ज़हन का कहीं और होना। बनावटी हँसी हँसना।
शादी, पार्टी रिश्तेदारीयों में जाने से परहेज़ रखना और अगर चले भी जाएं तो मन का उदास ही रहना।
सब कुछ छिन जाने का डर।
हर जगह नकारात्मकता का होना।
घर से दूर जाने या कोई नया काम करने से पहले दिल मे घबराहट का होना।
दिल का डूबा रहना।
बहुत पुरानी बातें याद आना।
ख़ुद को असहज कर देने और तकलीफ पंहुचाने वाली पुरानी बातें या घटनाएं याद आना।
पुराने मकान, पुराने गली मोहल्ले जो अब बदल भी चुके हों उनमे अपने आप को घूमते खेलते महसूस करना।
ज़िन्दगी जीने की इच्छा होना मगर जी ना पाना।
दूसरों की ज़िंदगी अच्छी लगना। दूसरों क्व बारे में ये ख्याल होना की वो अपनी ज़िंदगी में कितने खुश हैं।
ये बीमारी नहीं एक दलदल है, इससे लड़िये मत
जितना आप डिप्रेशन से लड़ोगे या इंस्पिरेशनल वीडियो देखोगे, उतना ही और ज़्यादा ये बीमारी आपको जकड़ लेगी
हर आदमी का अपने अपने कारण होते हैं, जो लोग इस बारे में बहुत गहन जानकारी रखते है सिर वही आपको इससे निकलने में मदद कर सकते है, इस मामले में तमाम तरह की पेथी फैल रही है
अगर आप भी इस बीमारी से जूझ रहे हैं तो व्हाट्सएप पर मैसेज करे
Nadeem Saifi
Educationist and counsellor
6395227834
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