Skip to main content

NEET की तैयारी करना हुआ आसान: Pulse Academy

Nadeem Sir
Ex Faculty, Bansal Tutorial
NEET IIT Expert
Pulse Neet Academy
Yogendra Puri
Muzaffarnagar
Contact 6395227834
हिंदी मीडियम के स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी।।
हिंदी मीडियम के वो स्टूडेंट्स जो भविष्य में एमबीबीएस करना चाहते हैं उनकी होनहार सक्षम होने के बावजूद उनका हिंदी मीडियम से होना नीट परीक्षा की तैयारी करने में बड़ी मुश्किलें पैदा करता है। मगर अब हिन्दी मीडियम से 12वीं पास करने वाले स्टूडेंट्स की ये दुविधा पल्स एकेडमी में आकर खत्म हो रही है। पल्स एकेडमी में हिंदी और इंग्लिश दोनो मीडियम के स्टूडेंट्स के लिए अलग अलग बैच की सुविधा कर दी गयी है। 
एक मिथक (गलतफहमी) हिंदी मीडियम के स्टूडेंट्स से कही जाती है वो ये की अगर आप हिंदी मीडियम में तैयारी कर नीट की परीक्षा पास कर भी लेते हैं तो एमबीबीएस तो आपको इंग्लिश मीडियम में रहकर ही पढ़ना होगा ?
इस दुविधा का हल ये है कि एक स्टूडेंट्स के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य नीट परीक्षा पास कर सरकारी कॉलेज में एडमिशन लेना होता है। चूंकि नीट की परीक्षा हिंदी मीडियम में भी होती है इसलिए आप अगर हिंदी मीडियम से आते हैं तो आपके लिए नीट की परीक्षा हिंदी में पास करना ज़्यादा आसान है बजाय माध्यम बदलकर इंग्लिश में करने से। चूंकि आपका एक आध साल तो इंग्लिश में पढ़कर समझने में ही चला जायेगा। अगर आप एक बार नीट में नम्बर ले आते हैं तो एडमिशन तक कम से कम दो महीने का समय आपको मिल जाएगा। इन दो महीनों में पल्स एकेडमी आपके लिए इंग्लिश लैंग्वेज का एक बैच बनाएगी ज़िससे आपको एमबीबीएस में दाखिला लेने के बाद इंग्लिश में पढ़ाई करने में कोई मुश्किल नही आएगी।
Nadeem Sir
Ex Faculty, Bansal Tutorial
NEET IIT Expert
Pulse Neet Academy
Yogendra Puri
Muzaffarnagar
Contact 6395227834

Comments

Popular posts from this blog

कहीं कोई गलतफहमी में ना रह जाये

 धर्म का प्रयोग देह की तृप्ति के लिये होना कोई नई बात नहीं। कोई ना कोई या तो इस पागल पन में सम्मिलित है या इससे प्रताड़ित है। लगभग सभी सम्प्रदाय इस प्रयोग में सफल हो चुके हैं। ईसाइयो ने बाईबल को पूर्णतः त्यागकर प्रोटस्टेंट की आड़ में ईसाइयत से पूरी तरह निकलकर भौतिकवादी सामाजिक संरचना का अविष्कार कर उसको जीवन प्रणाली बना ही लिया। अब एक ठोस प्रेरणा स्त्रोत के के रूप में डॉलर आधारित व्यवस्था है। गगनचुंबी इमारतों से भरे महानगर। वो बेंचने के लिए आतुर एक ऐसी चमक धमक भारी व्यवस्था का निर्माण कर चुके जिसमें शिक्षा, स्वास्थ, सैन्य उपकरण, सेनाएं, तकनीकी, संचार, पानी, खाना यहां तक कि जीवन और मृत्यु सब कुछ व्यवसाय के रूप में बिक रहा है। धर्म को पूर्णतः त्यागकर जिस पथ पर पूरी ईसाई दुनिया चल रही है उसमें फिर भी दबी कुचली मानवता के लिये कहीं कोई रास्ता निकल जाता है भले ही उसके बदले दुनिया के किसी एक या एक से अधिक हिस्सों को युद्ध क्षेत्र बनकर इस चमक धमक चुकानी पडती हो। अगर गैर ईसाई इलाक़ों में ना सही तो वो अपबे ही किसी ईसाई टुकड़े पर (जैसे यूक्रेन) बम बरसाकर ही अपनी गगनचुंबी इमारतों की भव्यता को यथाव...

ज़िन्दगी का गणित (Anti Depression Post)

तुम खुद को समझते क्या हो ? क्या तुम्हें हिसाब किताब के लिए बनाया गया है या हिसाब किताब को तुम्हारे लिए। तुम कोई भी घटना घटित ही नहीं होने दे रहे। तुम्हारा दिमाग में कुछ भी होन...

कृष्ण की बात कब समझ आती है

एक दिन में गीता अध्ययन कर रहा था। मेरे मन में पूछा,"क्या कृष्ण को जाना जा सकता है ? कोई माध्यम कोई अनुसन्धान क्या मुझे कृष्ण तक ले जा सकता है?" कृष्ण को जानने के सारे प्रयत्न विफल प्रतीत हुए तो मैने इस बात को समझ लिया कि कृषणजाने नहीं जा सकते। कृष्ण जानने का विषय नहीं हो सकते। अंतरात्मा से नई सोच का उदगम हुआ। मन ने कहा "कृष्ण को पाया जा सकता है जाना नही जा सकता " क्या कृष्ण राधा के कृष्ण है जो प्रेम की उत्कृष्ट गाथा को बुनते दिखाई पड़ते हैं या चमत्कारी कृष्ण जो राक्षसों का नाश कर देते है या वो कृष्ण जो अर्जुन के माध्यम से पूरे संसार को गीता जैसा अद्भुत ज्ञान देते है।  अक्सर पढ़ने वाले समझ बैठते हैं कि गीता को पढ़ लेने से उन्हें कृष्ण की अनुभूति हो जाती है।  जिस ने गीता पढ़ी है वो कुछ बिंदुओं पर ध्यान दें 1. गीता मनुष्य को अपने, अपने जीवन,अपनी आत्मा, सम्बंध, पूरे जीवन चक्र के हर बिन्दु के अनसुलझे प्रश्नों का पूर्ण हल देती है। 2. मनुष्य के सामने जीवन का सबसे बड़ा प्रश्नः परमात्मा से उसके सम्बन्ध का है जिसे गीता में कृष्ण बहुत ही आसानी से हल करते हैं। जब अर्जुन ...